RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुषों का स्मरण केवल समारोह और तालियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके जीवन, संकल्प और कर्तृत्व को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने पुरुषार्थ, त्याग, संकल्प...